इस अवसर पर बहन अपने खास खास सेज सम्बन्धी को भी अपने भाई के घर ले जाती है वह अपने दादा-दादी को भी आमंत्रित करती है। दुल्हन के नाना-नानी की शादी में उपस्थिति बहुत महत्वपूर्ण है। भाई अपनी बहन और सभी आगंतुकों के मिलनी भी करता है.
माँ एक नई साड़ी पहनती है और मेहँदी को अपनी हथेलियों पर लगाती है। वह परिवार के सभी सदस्यों को पट्टे पर बिठा कर नारियल से तिलक करती है नेग का लिफाफा देती है मुँह मीठा कराती है औरउपहार देती है और उन्हें समारोहों का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करती है। घर के कर्मचारियों को भी पैसे वाले लिफाफे यानि की नेग भी उपहार में दिया जाता है। वह अपने भाई और भाभी के माथे पर लाल तिलक करती है। उसके भाई भी उसके पूर्ण समर्थन और उपस्थिति का आश्वासन देते हैं। वे अक्सर अपनी बहन को रिटर्न गिफ्ट देते हैं।
इस समारोह में, चावल, गुड़, ड्राई फ्रूट्स आदि को एक प्लेट में रखा जाता है, जिसे बाद में सिलोफ़न पेपर से ढक दिया जाता है। एक अलग प्लेट पर, सूखे नारियल भी रखे जाते हैं। यह सजाया हुआ सूखे नारियल भाई और उसकी पत्नी के तिलक या अभिषेक के लिए रखा जाता है।
weddingrituals.blogspot.in
Love
Love is a symbol of eternity. It wipes out all sense of time,destroying all memory of a beginning and all fear of an end.
Wednesday, March 3, 2021
भात न्योतना की रस्म
शादी की सारी रस्मे खास होती है पर भात की रसम की खासयित कुछ अलग ही है। भारतीय शादियों में, दुल्हन के मामा और मामी की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। इसलिए पुजारी के साथ तिथि फिक्स की जाती है, इस दिन दुल्हन की मां अपने माता-पिता और अपने भाई और भाभी को आमंत्रित करने के लिए अपने माता-पिता के घर पहुंचती सपरिवार जाती है।
Tuesday, March 2, 2021
हलदात वाली रात को रतिजगा किया जाता है।
• रतजगे में मेहँदी घुलती है। मेहँदी की पांच बिन्दी थापे के पास लगाते हैं। दरवाजे के पास सीधे हाथ की तरफ कोने में जमीन पर एक बताशा रखकर दो बूंद तेल डालते हैं। तेल हर नेग के पहले डालते हैं। लड़के या लड़की के ब्याह में बान से पहले दिन रतजगा करते हैं। दिन में थोड़े से चावल हल्दी डाल कर पीस लेते हैं। फिर उस हल्दी वाले चावल के घोल से थापा घर की बहन-बेटी रखती है। थापे में 7 घेरे बनाए जाते हैं। घेरों पर मेहंदी, रोली व मैदा से बिंदिया लगाते हैं। बहन-बेटी की गोद में गोला व रुपए रखते हैं। थापा रखने वाली का मुँह पूरब की तरफ होना चाहिए। थापे के दोनो कोणों से माला लगाते हैं व बीच में चाँदी का रुपया लगाते हैं। थापे के आगे 4 बर्तन रखते हैं। एक बर्तन में मैदा, बेसन, चावल, साबुत मूंग, सवा-सवा किलो और ढाई किलो रखते हैं। चार साड़ी और ब्लाउज पीस भी रखते हैं जो की दाहिनी को जाती है ।
• आरती की थाली में आटे का चार मुँह का दीपक, रोली, चावल, राई, मौली रख कर दीपक जला देते हैं। लड़का या लड़की जिसकी शादी होती है उससे मेहँदी का थापा लगवाते हैं। जिसकी शादी हो उसके हाथ में चावल दे कर सभी देवी-देवताओं और पितरों की धोक लगवाई जाती है फिर गीत गाते हैं।
• अपने पित्तरों, कुलदेवी तथा देवों से शादी का कार्य अच्छे ढंग से सम्पन्न होने की प्रार्थना करके परिवार के सभी सदस्यों द्वारा धोक लगाई जाती है। घी का दीपक रातभर जलाया जाता है। रतिजगे के गीत गाये जाते हैं। जिसमें महिलाएं मांगलिक गीत गाती हैं। इसी रात लड़के या लड़की के हाथों में मेहंदी रचाई जाती है। किसी के यहाँ घी के हाथ से भी थापा लगाया जाता है।
• गीत गाते वक्त एक लोटा पानी भर के रखते हैं। गाने के बाद वो पानी घर के बाहर डाल देते हैं और पीछे मुड़कर नहीं देखते।
weddingrituals.blogspot.in
Monday, March 1, 2021
हल्दात का सामान
१ थापा
१ कलावा डोरी
१ घी का दिया
गंगा जल
१ सिल्वर कॉइन
१ कॉटन
१ चौकी
४ बर्तन : १ में मूंग, १ में चावल, १ में जौ, १ में नमक
१ तियल (साड़ी)
७ कलावा डोरी एंड बैंगल्स
१ लिफाफा (दाहिनी)
हल्दी और उबटन जैसे कार्यक्रम के लिए सुहागन स्त्रियों को बुलाया जाता है। इस रस्म में, दूल्हे और दुल्हन के चेहरे, बांहों और पैरों पर सरसों का तेल, ताजे दूध के दही, मेंहदी और हल्दी से बना पेस्ट लगाया जाता है। ]
दूल्हा दुल्हन को हल्दी लगाने के लिए दूर्वा का उपयोग किया जाता है। इसका भी एक कारण है ।दूर्वा को भी हमारे धर्म में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है गणेश जी को भी मस्तक पर दूर्वा चढ़ाई जाती है। दूर्वा एक घास होती है तो दूर्वा से हल्दी लगाने का यह अर्थ माना जाता है कि लड़का-लड़की अपना अभिमान त्याग कर गृहस्थी की गाड़ी चलाने में एक दूसरे को सहयोग करेंगे।
weddingrituals.blogspot.in
भट्टी की पूजा
शादी में जब खाना शुरू होता है तो सर्वप्रथम एक थाली में सूखा आटा, गुड़, दक्षिणा, रोली, मौली, पानी का लोटा ले कर भट्टी के पास जाते हैं। भट्टी पर पानी का छींटा दे कर रोली से सतिया बनाते हैं। कढ़ाई झारी पर मौली बाँधते हैं। जिसकी शादी हो उसके भी टीका करके मौली बाँधते हैं और भट्टी की धोंक लगवाते हैं। उसके बाद ही मिठाई बनती हैं। मिठाई जिस कमरे में रखते हैं उसे कोठार कहते हैं। एक थाली में 4 लड्डू, गुड़, पैसे और एक लोटा पानी भरकर रखते हैं। घी का दीपक जलाते हैं जो कि दिन-रात जलता रहता है जब तक शादी होती है। शादी का जो भी सामान बनता है उसमें से अछूता निकाला जाता है जो बाद में पंडित को दे देते हैं।
weddingrituals.blogspot.in
प्रथम कार्य और पूजा गणपति जी की
किसी भी शादी में गणेश जी को सबसे प्रथम पूजा जाता है. इसलिए इनकी फोटो या प्रतिमा जरुर रखें. इसके साथ ही माता लक्ष्मी की भी फोटो या प्रतिमा को रखें.
विवाह से पाँच या सात दिन पहले ब्याह हाथ के नेग से शादी के कार्य का श्री गणेष होता है। इस अवसर पर मांगलिक गीत गाए जाते हैं, यह रीत है कि इस दिन से वर और कन्या, दोनों को व्यवसाय और घर के काम से छुट्टी दे दी जाती है। दोनों को गोंद आदि के लड्डू खिलाकर उनके विवाह का लाड़ चाव करते हैं। बुआ या बहन वर की शादी में गीत गवाती है तथा इस दिन उनकी तरफ से मिठाई बांटी जाती है। कई लोग उपहार भी बांटते हैं।
weddingrituals.blogspot.in
फेरे का सामान लड़के वालों का
• मुकुट (मौड़ी)
• गठ जोड़ा लड़के का
• २ कटोरी (छाया दाना) यह मिक्स्ड मेटल की होती है तांवा, पीतल और लोहा की
• २.५ मीटर सफ़ेद क्लॉथ और बड़ा तौलिया
• चांची की साड़ी
• अंजुले का थैला मेवा व् पैसा भरकर
• १ गोद - गोला, रूपए, मेवा (फॉर लड़की की गॉड के लिए
• २५० ग्राम मेवा अलग अलग तरह की और एक गोला
• रोली
• मेहंदी
• कलावा
• मेकउप किट, सिन्दूर
weddingrituals.blogspot.in
Friday, June 20, 2014
Wedding Checklist Template
Wedding Calendar Checklist
The following checklist is designed with the (ideal)
timetable of twelve months. If you’re planning your wedding on a shorter
schedule, just start at the beginning of the list and try to catch up as
quickly as possible. Use the boxes to the left of the items to check off tasks
as you complete them.
9 to 12 months prior to wedding day:
6 to 9 months prior:
(Tasks might include booking a band or solo musician, hiring a DJ, choosing significant musical selections, and so on.).
|
|
|
|
4 to 6 months prior:
|
|
|
|
2 to 4 months prior:
|
|
|
|
4 to 8 weeks prior:
|
|
|
|
2 to 4 weeks prior:
|
|
|
|
1 week prior:
|
|
|
|
The day before the wedding:
|
Symbolizing continuity with family and heritage Symbolizing optimism and hope for the new life ahead An item from a happily married friend or family member Symbolizing love and fidelity |
|
|
Wedding day:
Source: Microsoft Word
Subscribe to:
Posts (Atom)